हिन्दू मुसलमान कब तक, क्या 2019 के चुनाव हिन्दू-मुसलमान के मुद्दे पर होंगे ?

लखनऊ। जैसे-जैसे 2019 के चुनाव करीब आ रहे हैं वैसे-वैसे देश की सियासत में हिंदू मुस्लिम राजनीति जोर पकड़ रही है। मतलब साफ है इस बार कर्मयुद्ध नहीं धर्मयुद्ध होगा। दरअसल कांग्रेस को मुस्लिमों की पार्टी कहने संबंधी राहुल गांधी की कथित टिप्पणी को लेकर बीजेपी ने मोर्चा खोल दिया है।

बीजेपी के सूरमा ही नहीं बल्कि खुद प्रधानमंत्री भी राहुल गांधी पर हमलावर हो गए हैं। राहुल गांधी के घर पर मुस्लिम विद्वानों की बुलाई बैठक पर प्रधानमंत्री ने सवाल खड़ा कर दिया। साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष पर तुष्टिकरण का आरोप भी मढ़ दिया।

दरअसल इन्कलाब नाम के एक अखबार के हवाले से निकली खबर ने देश का सियासी पारे को चरम पर पहुंचा दिया। एक अखबार में खबर छपी कि राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस मुस्लिमों की पार्टी है। हवाला कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता नदीम जावेद का दिया गया।

देश की मीडिया में ये खबर जंगल में आग की तरह फैली हर तरफ सिर्फ इसी की चर्चा होने लगी....फिर क्या था बैठे बिठाए मिले इस मुद्दे को बीजेपी के रणनीतिकार इसे साधने में जुट गए।

अभी शशि थरूर के हिन्दू पाकिस्तान के बयान से बैकफुट पर चल रही कांग्रेस के लिए ये खबर करंट की तरह लगा, लेकिन चूंकि इस बार मामला कांग्रेस अध्यक्ष का था तो राहुल गांधी पर हो रहे हमले से बौखलाई कांग्रेस ने बीजेपी पर आरोपों का पुलिंदा मढ़ दिया।

बीजेपी को जवाब देने कांग्रेस के महाराथी सामने आए और बोले कि हार के डर से बीजेपी समाज में नफरत और बंटवारे का जहर घोल रही है तो नदीम जावेद ने कहा कि बीजेपी के लोगों को तो अफवाहों की सियासत करने की आदत हो चुकी है।

देश की इन सियासतदानों के बयान से साफ जाहिर है जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे वैसे-वैसे जनता के मसले गायब होते चले जाएंगे और ये उसी का नतीजा है कि इस चुनावी शोर में जनता के मुद्दे नहीं बल्कि धर्मयुद्ध का बोलबाला हो रहा है।

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