इस देश में एक थाली खाने की कीमत है एक करोड़ रुपए, करोड़पति भी कई दिनों तक रहते हैं भूखे

BY- आशुतोष त्रिपाठी  

 एक कफ कॉफी पीने के लिए लाखों रूपए देने पड़ते हैं. इस देश का आलम यह है की  करोड़पति भी अपने परिवार को भरपेट खाना नहीं खिला सकता हैं. 


साओ पाउलो : सभी देश इस वक्त महंगाई से चिंतित हैं की किस तरह से देश से महगाई को हटाया जाये किन्तु, जिस देश में भी महंगाई हैं वहां पर खाने की एक थाली की कीमत ज्यादा से ज्यादा 400-500 रूपए ही होगी किन्तु, क्या आप कभी ऐसी  कल्पना कर सकते हैं की किसी देश में एक थाली खाने की कीमत एक करोड़ रूपए हो। जी हाँ एक करोड़ रूपए यदि भारत जैसे देश में किसी व्यक्ति के पास होते है तो उस व्यक्ति को अमीरो की श्रेड़ी में रखा जाता है परन्तु एक ऐसा देश है जहाँ पर एक थाली खाने की कीमत ही 1 करोड़ रूपए है। यहाँ तो करोड़पति भी गरीब की श्रेड़ी में आते  हैं.


असल में महंगाई की मार क्या होती है यह दक्षिण आफ्रिकी देश वेनेजुएला  में देखने को मिल रही है।  यहाँ की करेंसी की कीमत बत से बदतर हो गयी है। इस देश के करोड़पति भी दो वक्त की रोटी का इंतजाम नहीं कर पा रहें हैं।  इस देश में तो महंगाई की पराकाष्ठा है जो सहन के बाहर है. हम यह भी कह सकते हैं  कि इस देश के नोटों की कीमत कागज की तरह हो गयी है.एक किलो सब्जी खरीदने के लिए लाखों रूपए खर्च करने पड़ रहे हैं. इस देश का आलम यह है की बैग भरकर नोट लेकर भी आप अपने परिवार को भरपेट भोजन नहीं खिला सकते। 

इस देश की हालत इतनी ख़राब है की लोग वेनेजुएला  को छोड़कर पडोसी देश कोलंबिया भागने को मजबूर  हैं। इस देश में एक ब्रेड की कीमत हजारो रूपए है. एक किलो मीट के लिए तीन लाख रूपए तथा एक लीटर दूध के लिए 80 हजार रूपए खर्च करने पड़ते हैं. इस देश की सरकार ने दुनिया भर के देशो से गुहार लगायी है की वे यंहा की हालत सुधारने के लिए मदद करें। वही कोलंबिया का कहना है की चंद दिनों में 10 लाख लोग यहाँ शरण  ले चुके हैं। 

             देखिये इस देश में सामान खरीदने के लिए कितन अपयसा खर्च करना पड़ता है ? 

एक कफ कॉफी : 25 लाख 
एक किलो मीट  : 95  लाख 
एक किलो आलू  : 20 लाख 
एक किलो गाजर : 30 लाख 
एक किलो चावल :25 लाख 
एक किलो पनीर : 75 लाख 
एक किलो टमाटर : 50 लाख 
एक प्लेट नॉनवेज थाली : 1 करोड़

 ➤ देखिये किस वजह से बिगड़े है इस देश के हालत

जानकारों के मुताबिक 

विस्व स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भरी गिरावट आने के चलते वेनेजुएला में आर्थिक संकट आया है. यहाँ की सरकार ने जरुरत से ज्यादा ही करेंसी छपवा दिए हैं, जिसके चलते इसकी कीमत काफी कम हो गयी है। सरकार की गलत नीतियों के चलते ही इस देश में भुखमरी के हालत बने हैं. इस अनुकूल परिस्थिति  से निकलने की लिए वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मडुरो राजधानी करकस में लगातार बैठकें कर रहें हैं। 

Post a Comment

0 Comments