कमलनाथ होंगें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, जानिए कमलनाथ का राजनीतिक सफर

➤ कांग्रेस ने सस्पेंस ख़त्म कर कमलनाथ को बनाया मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री 

➤ 36 वर्ष संसद रहने के बाद अब मुख्यमंत्री बने कमलनाथ 

➤ कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट के द्वारा कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाये जाने की जानकारी दी

मध्यप्रदेश :दो दिन के इंतज़ार के बाद आखिर आज विधायक दल की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी द्वारा कमलनाथ को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने की आधिकारिक घोषणा कर दी गयी। हांलाकि कांग्रेस के लिए ये फैसला लेना इतना सहेज नहीं था क्योंकि ज्योतिरादित्य सिंधिया भी कमलनाथ के साथ मुख्यमंत्री पद के बड़े उम्मीदवार थे। सिंधिया कांग्रेस के दिग्गज युवा नेता है।



  कमलनाथ मध्यप्रदेश के कोंग्रेस प्रमुख हैं, तो वहीँ सिंधिया प्रचार कमेटी के प्रमुख रहे है। कमलनाथ की पहचान एक अनुभवी वार्ताकार की रही है परन्तु सिंधिया मध्यप्रदेश में ज्यादा लोकप्रिय चेहरा रहें हैं। सिंधिया की वजह से कांग्रेस कोग्वालियर,चम्बल,संभाग में बड़ी जीत मिली है। किन्तु कमलनाथ को उनके अनुभव के कारण ही मुख्यमंत्री बनाया गया है। 




कमलनाथ का राजनीतिक सफर 


कांग्रेस के अनुभवी नेता कमलनाथ का जन्म 18 नवम्बर 1946 उत्तर प्रदेश कानपुर में हुआ था। वर्तमान में वह कांग्रेस की ओर से छिंदवाणा संसदीय छेत्र मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्तव करतें है। यूथ कांग्रेस के दिनों में संजय गाँधी ने पश्चिम बंगाल में कमलनाथ को सिद्धार्थ संकर रे और प्रिय रंजन दासमुंशी को टक्कर देने के लिए उतारा था। उस समय इमर्जेन्सी के बाद संजय गाँधी गिरफ्तार किये गए तो उनको कोई मुश्किल न हो इसका ख्याल रखने के लिए जज के साथ बत्तमीजी करके उनके साथ तिहाड़ जेल भी पहुँच गए थे। 

इन वजहों से वे इंदिरा गाँधी के करीबी नेताओं की सूची में सम्मलित हो गए। 1980 में जब कांग्रेस ने उन्हें मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा से टिकट दिया था तब उनके चुनाव प्रचार में इंदिरा गाँधी ने अपने भाषण में कहा था-


मै नहीं चाहती की आपलोग कांग्रेस नेता कमलनाथ को वोट दीजिये मै चाहती हूँ की आप मेरे तीसरे बेटे कमलनाथ को वोट दीजिये 
उस समय लोग यह भी कहने लगे थे की इंदिरा गाँधी के दो हाँथ संजय गाँधी औऱ कमलनाथ । 

कमलनाथ ने पहली बार 1980 में आदिवासी एवं नामालूम इलाके से जीतने के बाद छिंदवाड़ा की तस्वीर पूरी तरह से बदल दी। 


उन्होंने यहाँ स्कूल कॉलेज तथा आईटी पार्क भी बनवाएं है।  इतना ही नहीं स्थानीय लोगों को रोजगार मिले इसलिए उन्होंने वेस्टर्न कोलफील्ड्स और हिंदुस्तानी यूनीलीवर जैसी कम्पनिया तक खुलवाईं। साथ में क्लॉथ मेकिंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट , ड्राइवर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट भी खुलवाए। 


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