किसानों को मिला विपक्ष का साथ

कर्ज माफी और फसलों की वाजिब कीमत सहित कई मांगों को लेकर देशभर के किसान आज राजधानी में इकट्ठा हुए अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले इकट्ठा हुए हजारों किसानों की मांगों को कांग्रेस आप और वामदलों सहित कई राजनीतिक दलों तथा संगठनों का समर्थन मिला रामलीला मैदान में जुटे देश भर के कई किसानों ने जंतर-मंतर तक मार्च किया.


 संसद मार्ग पर आयोजित हुई सभा को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दिल्ली के मुख्यमंत्री व आप नेता अरविंद केजरीवाल राकांपा प्रमुख शरद पवार टीएमसी सांसद दिनेश त्रिवेदी भाजपा नेता डी राजा माकपा महासचिव सीताराम येचुरी और योगेंद्र यादव सहित कई नेताओं ने संबोधित किया. रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 15 सबसे अमीर दोस्तों का कर्ज माफ कर सकते हैं तो उन्हें देश के करोड़ों किसानों का कर्ज भी माफ करना होगा.

 केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश को अंबानी और आडवाणी के बीच बांट दिया है अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर किसानों की नहीं सुनी गई तो वह 2019 में मोदी सरकार के खिलाफ देशभर में कयामत ढा देंगे उन्होंने कहा कि किसानों का सारा कर्ज माफ होना चाहिए और उनकी फसल का पूरा दाम मिलना चाहिए.

 उन्होंने कहा कि किसानों को भीख नहीं चाहिए वह अपना हक मांग रहे हैं अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि किसानों ने कृषि संकट के स्थाई समाधान के लिए पहली बार सरकार के समक्ष समस्या के समाधान का मसौदा पेश किया है.

 किसान चार्टर और किसान घोषणा पत्र के रूप में इस मसौदे को उन्होंने आज किसान सभा में भी पेश किया यादव ने कहा कि पहली बार किसानों ने अपनी समस्या के समाधान का तरीका खुद तैयार कर सरकार के समक्ष प्रस्तावित कानून को मसौदे के रूप में पेश किया है वरिष्ठ कृषि पत्रकार पी साईनाथ ने आंदोलन को निर्णायक करार देते हुए कहा कि इस बार मजदूर और किसान अकेला नहीं है डॉक्टर वकील छात्र और पेशेवर पहली बार अपना काम छोड़कर किसानों के साथ आए हैं उन्होंने कहा कि इस बार आंदोलनकारी दोनों प्रस्तावित विधेयकों को पारित करने की मांग से पीछे नहीं हटेंगे.

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