स्वास्थ्य के लिए खतरा है जरूरत से ज्यादा मल्टीविटामिंस

विगत वर्षों में हेल्थ सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल कई गुना बड़ा है आमतौर पर मल्टीविटामिंस को सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है अगर शरीर में जरूरी तत्व और विटामिंस की कमी है तो इसे मल्टीविटामिंस के जरिए पूरा किया जाता है लेकिन अब जो बात सामने आई है उस पर गौर करें तो मल्टीविटामिन से हार्ट संबंधी बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। 

अमेरिका में प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक जब बात हार्ट संबंधी बीमारियों को रोकने की आती है तो हेल्थ सप्लीमेंट्स का या तो बेहद कम असर होता है या फिर बढ़ जाती है। 

वहीं कुछ हार्ट संबंधी बीमारियों के रिस्क को बढ़ा देती हैं डॉक्टरों का कहना है कि इन निष्कर्षों का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने वाला है क्योंकि बीते कुछ सालों में हेल्थ सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल कई गुना बड़ा है यह लोग या तो खुद ही हेल्थ सप्लीमेंट्स का प्रयोग करते हैं या फिर डॉक्टर उन्हें प्रेशराइज करते हैं।

2012 के राष्ट्रीय आंकड़ों से पता चला है कि अमेरिका में 1% आबादी यह सप्लीमेंट लेती है 13.0 पर्सेंट आबादी मल्टीविटामिन लेती है जबकि 19 पर्सेंट आबादी विटामिन डी 14% आबादी कैल्शियम तो वहीं 12% आबादी विटामिन सी लेती है कैंसर और न्यूट्रिशन डाटा को लेकर रिसर्च करने वाले यूरोपीयन प्रोस्पेक्टिव इन्वेस्टिगेशन कंपनी के आंकड़ों से भी खबर आई है कि वहां की आबादी भी सप्लीमेंट्स लेती है जैसा कि डेनमार्क में 51% पुरुष तो 66 परसेंट महिलाएं सप्लीमेंट्स का सेवन करती हैं। 

एक्सपर्ट्स की माने तो चूकी यह सप्लीमेंट्स मेडिकल स्टोर या केमिस्ट काउंटर पर आसानी और ढेर सारी मात्रा में मिल जाते हैं इसलिए लोगों को लगता है कि यह हमारी सेहत के लिए फायदेमंद है और ड्रग कंपनियां लोगों की इन्ही भावनाओं का गलत फायदा उठा रही है उन्हें विश्वास दिलाया जाता है कि अगर वह मल्टीविटामिंस लेंगे तो कम थकान महसूस करेंगे और फिजिकली फिट रहेंगे.

इसलिए जितना हो सके मल्टीविटामिंस एवं सप्लीमेंट से दूरी बनाकर रखें.

Post a Comment

0 Comments