क्या आलोक वर्मा किसी राजनीतिक दल के निजी स्वार्थ का शिकार तो नहीं ?


मेरी मंशा न तो किसी राजनीतिक दल अथवा किसी व्यक्ति विशेष कि इमानदारी अथवा देशप्रेम पर उंगली उठाने कि है न ही उसे गलत साबित करने कि है . मैं सिर्फ देश कि 1/125 करोड़ जनता का एक अदना सा नागरिक हूँ जो कि सरकार से आपने सवालों के जवाब प्राप्त करना चाहता है.

मैं यह नहीं कह रहा कि आलोक वर्मा निर्दोष हैं या फिर दोषी है किन्तु इतना जरूर कह सकता हूँ की जितना सहज इस मुद्दे को समझा जा रहा है शायद यह इतना सरल नहीं हैl यह सीबीआई कि अंदरूनी कलह ही नहीं बल्कि किसी व्यक्ति वेशेष का निजी स्वार्थ भी हो सकता है. निश्चय ही कुछ एसे रहस्य है जो कि आम जनता के सामने नहीं आ पा रहे है शायद कोई एसा है जो देश के साथ बड़ा षड़यंत्र कर रहा है.

कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न जिनके उत्तर शायद पूरा देश जानना चाहता है

➤सवाल यह उठता है कि यदि आलोक वर्मा पर इतने गंभीर आरोप पहले लगे थे तो अब तक उन्हें उनके पद से बर्खास्त क्यों नहीं किया गया ?

➤जब राफेल घोटाले कि जाँच होनी थी तब ही उन्हें क्यों उनके पद से हटाया गया?

➤आलोक वर्मा को उनके पद से हटाने के पीछे किसी व्यक्ति विशेष का निजी स्वार्थ तो निहित नहीं ?


➤क्या राफेल घोटाले की जाँच करना आलोक वर्मा को भरी पड़ा ?


यदि यह प्रश्न सही है तो क्या ये सब बातें शायद किसी व्यक्ति विशेष या फिर किसी राजनीतिक दल के गहरे षड़यंत्र की ओर इशारा करतीं है. जिसका जवाब प्राप्त करना देश के हर नागरिक के लिए अत्यंत आवश्यक है.



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