आखिर क्यों आ रही है पेट्रोल-डीजल के दामों में तेजी

इस आर्थिक मंदी के दौर में पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से आम आदमी बेहद परेशान है. सबसे ज्यादा चिंता की बात तों यह है की आगले कुछ हफ्तों में भी कीमतों में कमी आने के आसार नहीं दिख रहे हैं. पेट्रोल की आज की कीमत देंखे तो इंडिया टुडे मैगजीन के अनुसार 1.85 रुपये की 12 महीने की सबसे ऊंची  छलांग के साथ  79.55 रुपये प्रति लीटर पहुँच गया है. वहीँ डीजल की बात करें तों वह 70  रुपये प्रति लीटर के करीब है.




आखिर क्यों आ रही है पेट्रोल-डीजल के दामों में तेजी

सऊदी अरब की सबसे बड़ी कच्चा तेल उत्पादक कंपनी सऊदी आरामको पर 14 सितम्बर को यमन के हूती विद्रोहियों के ड्रोन हमले से  दुनिया भर में तेल आपूर्ति  पर गहरा संकट छा गया है. अमेरिका इस हमले का दोषी ईरान को ठहरा रहा है. यही तेल की कीमतों में उछाल का दूसरा कारन बन सकता है. मुंबई में 23 सितम्बर को पेट्रोल 79.55 रू. प्रति लीटर था ,जो बीते 12 महीनों की सबसे ज्यादा कीमत है.

दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता भारत अपने 80 फीसद से ज्यादा कच्चे  तेल और करीब 40 प्रतिशत प्राकृतिक गैस की जरूरत आयात के जरिये पूरी करता है.

14 सितम्बर के हमले के कुछ और प्रतिकूल नतीजे हुए है. ईधन के दाम में इजाफ़ा सरकार के लिए सुभ संकेत नहीं हैं. सत्ताधारी पार्टी महारास्त्र और हरियाणा में 21 अक्टूबर को चुनाव का सामना करने जा रही है. ईंधन के बढ़ते दाम सरकार कर राजकोषीय घटे को बढ़ा देंगे जिससे समस्या खड़ी हो सकती है.   

    

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